पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश के सबसे बड़े नमो घाट का उद्घाटन किया।
आधुनिकता के साथ पुरातन संस्कृति के समागम से बने इस घाट पर अन्य घाटों की तुलना में काफी सुविधाएं हैं। नमो घाट पर वॉकिंग ट्रैक, वाटर स्पोर्ट्स, फ्लोटिंग जेटी के साथ हेलीपैड की भी सुविधा उपलब्ध है। यह घाट नभ, जल, थल तीनों प्रकार के मार्गो से जुड़ा हुआ है। जानकर हैरानी होगी कि इस घाट पर एक, दो नहीं कुल 3 हेलीपैड बनाए गए हैं। दो हेलीपैड स्थायी रूप से बनाया गया है, और एक हेलीपैड के इमरजेंसी लैंडिंग के लिए तैयार किया गया है। ताकि भविष्य में यहां हेलीकॉप्टर को लैंड करवाया जा सके।
आइए जानते हैं इस घाट के बारे में अन्य खास बातें:
मिली जानकारी के अनुसार, बाबा भोलेनाथ की नगरी से रामलला की नगरी अयोध्या के लिए इसी घाट से हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे। जिससे अयोध्या नगरी पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा, मात्र 40 मिनट के उड़ान से श्रद्धालु काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद रामलला के दर्शन के लिए अयोध्यानवनिर्मित राम मंदिर वायु मार्ग से भी जा सकते हैं।

उम्मीद है कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा से पहले ही काशी नगरी से अयोध्या के लिए हवाई सेवा शुरू हो सकती है। हालांकि, बहुत जल्द काशी से प्रयागराज तक के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो जाएगी। अब नमोघाट पर सड़क मार्ग के अलावा मिनी टर्मिनल क्रूज और नाव से भी पहुंच सकते हैं। दरअसल, नमो घाट को सूर्य नमस्कार को समर्पित किया गया है।
यह घाट बरबस ही सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है, इसी के साथ नमो घाट काशी की सुंदरता में चार चांद लगाता है। इस घाट से पर्यटकों को गंगा आरती, वाटर एडवेंचर, संध्या आरती और योग सभी एक साथ देखने को मिलते है। काशी के 84 घाटों में से एक राजघाट से सटा नमो घाट से क्रूज, नाव की सुविधा उपलब्ध होती है। जिससे पर्यटक अन्य घाटों पर जा सकते हैं। विश्व योग दिवस पर नमो घाट पर हर वर्ष योग का भव्य आयोजन किया जाता है।

Namo Ghat पर आधुनिक सभी सुविधाओं को जोड़ा गया है। घाट पर फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन की भी सुविधा उपलब्ध है, जिससे सीएनजी से चलने वाली नावों, क्रुजों के ईंधन के लिए नाविकों को ज्यादा परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त नमो घाट घाट पर ओपन थियेटर, विसर्जन कुंड, बाथिंग कुंड, फ्लोटिंग जेटी, चेंजिंग रूम समेत मनोरंजन के कई साधन भी उपलब्ध है।

इस घाट पर बच्चों के खेलने के लिए टॉय ट्रेन, जंपिंग जोन, सहित प्ले जोन भी बनाया गया है। दिव्यांगों के लिए आने-जाने के लिए रैंप बनाया गया है। जिससे उन्हें भी घाट पर घूमने में किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

यह घाट काशी ही नहीं भारत का सबसे बड़ा घाट है। वर्तमान में इस घाट पर कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। देव-दीपावली, गंगा महोत्सव, काशी तमिल संगमम, जैसे बड़े आयोजनों का Namo Ghat केंद्र बन चुका है। काशी के 84 घाटों में से एक राजघाट से सटा नमो घाट से क्रूज, नाव की सुविधा उपलब्ध होती है। जिससे पर्यटक अन्य घाटों पर जा सकते हैं। विश्व योग दिवस पर नमो घाट पर हर वर्ष योग का भव्य आयोजन किया जाता है।

Rajesh Mishra
राजेश मिश्रा
आप उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले हैं। आपने राजकीय पॉलीटेक्निक, लखनऊ से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। आप ऐतिहासिक जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने और लिखने का शौक रखते हैं।
आप THE HIND MANCH में लेखक के रूप में जुड़े हैं।
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